कराची । गुरुवार को पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का जन्मदिन है। रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर अख्तर आज 45 साल के हो गए हैं। पाकिस्तान के लिए अख्तर ने कई दमदार प्रदर्शन किए। लेकिन एक गेंद थी जिन्होंने उन्हें अपने समकालीन तेज गेंदबाजों से आगे खड़ा कर दिया। मौका था जब अख्तर ने 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार को पार किया।
इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप 2003 की बात है,जब अख्तर ने 100 मील के बैरियर को तोड़ा था। अख्तर का सामना कर रहे थे, इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज निक नाइट। अख्तर ने 22 फरवरी 2003 को निक नाइट को 100.2 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी। वह इस बैरियर को तोड़ने वाले पहले गेंदबाज बने। अख्तर ने यह पूरा ओवर काफी तेज फेंका। उनकी बोलिंग की रफ्तार थी, 153.3 किलोमीटरप्रतिघंटा, 158.4किलोमीटरप्रतिघंटा,158.5 किलोमीटर प्रतिघंटा, 157.4किलोमीटर प्रतिघंटा , 159.5 किलोमीटर प्रतिघंटा और 161.3किलोमीटर प्रतिघंटा  यानी सभी गेंदें एक से बढ़कर एक तेज। इस ओवर में उनकी औसत स्पीड 158.06 किलोमीटर प्रति घंटा रही। यह उन दिनों की बात है जब अख्तर और ब्रेट ली के बीच रफ्तार की तुलना होती थी। इसके अलावा इस दौर में ऑस्ट्रेलिया के ही शॉन टेट, पाकिस्तान के मोहम्मद समी और न्यूजीलैंड के शेन बॉण्ड का नाम भी तेज-तरीन गेंदबाजों में लिया जाता था। हालांकि इनमें से कोई भी शोएब अख्तर के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया।
अख्तर ने गेंद के बारे में कहा था,मैं यह करना चाहता था। मैंने पारी ब्रेक में अपने कोच और मैनेजर से कहा था कि मैं दूसरे ओवर में इस बैरियर को पार करूंगा। जब मैंने हाथ पीछे किया,तब मेरे बाजुओं में और ताकत थी। मेरा ऐक्शन भी कुछ अलग था और फिर मैंने बस तेज फेंकने की कोशिश की।' निक नाइट ने भी उस गेंद को याद करते हुए कहा था- 'मुझे समझ नहीं आया कि क्या हुआ। मैंने किसी तरह बस बल्ला नीचे किया। मुझे याद है कि मैच से पहले मैं ग्राउंड में शेडो प्रैक्टिस कर रहा था। अख्तर दूर बाउंड्री के पास थे। वह मेरे पास आए और कहा,'नाइटी आज मैं तुम्हें बहुत-बहुत तेज गेंदबाजी करूंगा। मुझे पता नहीं था कि वह सबसे तेज रिकॉर्डेड गेंद मुझे ही फेंकने वाले है।