जिला अस्पताल के बाहर लगे पोस्टर- बेड फुल; मरीज ना आएं, इसके लिए बाहर बैठाया पुलिस का पहरा

सीहोर जिला अस्पताल का गेट बंद करके पुलिस तैनात कर दी गई है।
भोपाल-इंदौर हाइवे पर बने कोविड सेंटर को ऑक्सीजन का इंतजार

कोरोना संक्रमण अब छोटे जिलों में तेजी से पैर पसार रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में जिला अस्पताल के बाहर अब पोस्टर लगा दिया गया है- सारे बेड फुल हैं। यानी नए मरीजों की एंट्री बंद। ऐसे में हंगामा होने की आशंका के चलते अस्पताल के सामने पुलिस तैनात कर दी गई है। हाल ही में यहां भोपाल-इंदौर हाईवे पर कोविड सेंटर तैयार किया गया है, लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिलने से यह शुरू नहीं हाे पा रहा है।

जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर आंनद शर्मा के मुताबिक बुधवार रात से सभी 68 बेड फुल हो गए हैं। मेडिकल वार्ड में भी मरीजों को भर्ती किया गया है, लेकिन अब नए मरीजों को भर्ती करना संभव नहीं है। यह स्थिति तब बनी, जब मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते अस्पताल के मेडिकल वार्ड को भी संक्रमित रोगियों के इलाज के लिए तैयार किया गया है।

इससे पहले गर्ल्स स्कूल के आवासीय खेल परिसर को कोविड केयर सेंटर के रूप में विकसित किया है। यहां 60 बिस्तरों वाला आइसोलेशन सेंटर गुरुवार सुबह फुल हो गया। सिविल सर्जन के मुताबिक शहर के कोविड सेंटर में भी इस समय 104 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 95 मरीज ऐसे हैं जिन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया है।

सीहोर के जिला अस्पताल के सामने नो एंट्री के पोस्टर

नहीं हो पा रही ऑक्सीजन की सप्लाई

सूत्रों ने बताया कि सीहोर में अब आक्सीजन की मात्रा भी अब सीमित हो चली है। भोपाल से मांग के अनुरूप और निश्चित समय पर में ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं होने के कारण यह ही स्थिति बिगड़ती जा रही है। मरीजों के परिजन भोपाल और इंदौर तक जाकर अपने स्तर पर ऑक्सीजन के के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं।

अप्रैल में बढ़ गए 834 एक्टिव मरीज

सीहोर में 21 अप्रैल को 198 नए संक्रमित मिले हैं। यहां एक्टिव केस 1099 हैं। यह संख्या 1 अप्रैल को मात्र 215 थी। पिछले 1 सप्ताह से यहां संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। यहां अब हर रोज 150 से ज्यादा केस मिल रहे हैं। अप्रैल माह में अब तक यहां 1897 संक्रमित मिल चुके हैं।

कांग्रेस ने कहा- यही स्थिति रही तो श्मशान -कब्रिस्तान में भी यही दृश्य दिखेंगे

 कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा ने लिखा- शिवराजसिंह जी,यह तस्वीर कहीं और कि नहीं,आपके ही गृह जिले सीहोर के जिला अस्पताल की है,पुलिस के साये में अस्पताल। यही स्थिति रही तो श्मशानों /कब्रस्तानों में भी यही दृश्य दिखेंगे।