नई दिल्ली, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan PM Imran Khan) को पत्र लिखकर वहां रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले ननकाना साहिब के मुख्य ग्रंथी की बेटी को अगवा कर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और जबरन उसका निकाह कर दिया गया। इसके अलावा वहां की अदालत ने भी अगवा करने वालों के पक्ष में फैसला देते हुए लड़की को परिवार को सौंपने से मना कर दिया। अदालत के इस फैसले से पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सिख लड़की को अगवा किए जाने पर पूरी दुनिया में रहने वाले सिखों ने रोष जताया था। उस समय पाकिस्तान के पंजाब राज्य के राज्यपाल ने सिखों को इंसाफ का भरोसा दिया था। एक समझौते के तहत लड़की को उसके परिजनों को सौंपा जाना था, लेकिन इसे पूरा नहीं किया गया। अब अदालत ने भी एकतरफा फैसला सुना दिया है।

 

उन्होंने कहा कि भारत सहित विश्व के अन्य देशों में रहने वाले सिख इस घटना से नाराज हैं। उन्हें वहां रहने वाले सिखों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। पीड़ित लड़की व उसके परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए दुनियाभर के सिख एकजुट हो रहे हैं। पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए जल्द मुहिम शुरू की जाएगी। उन्होंने इमरान खान से पीड़ित लड़की को परिवार को लौटाने की मांग भी की।

यहां पर बता दें कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति दिन पर दिन खराब होती जा रही है। वहां पर दशा इतनी खराब हो गई है कि आए दिन कोई न कोई हिंदू परिवार का सदस्य इस्लामिक कट्टरपंथियों का शिकार बनता है। हिंदुओं के साथ ज्यादाती की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं।