नई दिल्ली,  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत अपने सैन्य उपकरणों की जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी सरकारों और विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर नहीं रह सकता और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता अन्य क्षेत्र से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। सिंह ने यह बात सार्वजनिक क्षेत्र के कई रक्षा उपक्रमों और आयुध निर्माणी बोर्ड द्वारा लाए गए कई नए उत्पादों को लांच करते हुए कही।

उन्होंने कहा, किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। यह हम सभी जानते हैं कि जो राष्ट्र अपनी रक्षा करने में सक्षम हैं, वे वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत छवि बनाने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा, हम अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी सरकारों, विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और विदेशी रक्षा उत्पादों पर निर्भर नहीं हो सकते हैं। यह मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों और भावनाओं के अनुकूल नहीं है।

रक्षामंत्री ने कहा, हमें न केवल अपने राष्ट्रीय हितों की पूíत सुनिश्चित करने में सक्षम होना चाहिए बल्कि जरूरत के समय अन्य लोगों की मदद करने में भी सक्षम होना चाहिए। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। हथियार प्रणालियों की आयात सूची में वर्षवार आधार पर कमी करने के निर्णय की सबसे पहले घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मई में की गई थी, जब उन्होंने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के सुधार के उपाय पेश किये थे।

रक्षा मंत्री ने नाग मिसाइल वाहक की प्रतिकृति, 8.6x70 एमएम स्नाइपर राइफल की प्रतिकृति, पानी में रिमोट से संचालित वाहन का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। अपनी रक्षा करने में सक्षम देश ही वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत छवि बनाने में सफल रहे हैं। स्‍वदेशी को बढ़ावा देते हुए सिंह ने रविवार को कहा था कि साल 2024 तक भारत मालवाहक विमान, क्रूज मिसाइलों समेत 101 हथियारों का चरणबद्ध तरीके से आयात रोक देगा।